जाति प्रमाण-पत्र बनवाने/सत्यापन हेतु महत्वपूर्ण जानकारी

o माननीय सर्वोच्य न्यायालय के निर्देशानुसार आरक्षित पदों पर नियुक्ति एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रमांे में प्रवेश हेतु अभ्याथियों को अनुविभागीय अधिकारी या डिप्टी कलेक्टर द्वारा जारी जाति प्रमाण-पत्र एवं जाति प्रमाण-पत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति का जाति सत्यापन प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है।
o जाति प्रमाण-पत्र बनवाने एवं इसके सत्यापन हेतु निम्नानुसार आवश्यक अभिलेखों/दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:-

1. अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति संबंधी राष्ट्रपति नोटिफिकेशन दिनांक 10.08.1950/06.09.1950 के पूर्व का आपके पिता/पूर्वजों का निम्नांकित अभिलेख जिसमें उनकी जाति अंकित हो, अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु पिता/पूर्वजों के दिनांक 26.12.1984 के पूर्व का निम्न में से कोई एक अभिलेख जिसमें जाति अंकित होः-

(1) पूर्वजों के मिसल अभिलेख जिसमें जाति अंकित हो (मूल निवास जिले के मुख्य प्रतिलिपिकार अथवा तहसीलदार से अभिप्रमाणित प्रति)
अथवा
(2) पूर्वजों के राजस्व जमाबंदी (गिरदावरी) जिसमें जाति अंकित हो (1950 से पूर्व का, मुख्य प्रतिलिपिकार या तहसीलदार से प्रमाणित)
अथवा
(3) यदि आपके पूर्वज शिक्षित थे, तो उक्त दिनांक के पूर्व का उनका दाखिला खारिज रजिस्टर की प्रधानाध्यापक से अभिप्रमाणित प्रति जिसमें जाति अंकित हो,
अथवा
(4) आपके पूर्वजों का जन्म या मृत्यु पंजी जो उक्त दिनांक के पूर्व का हो एवं जाति अंकित हो, (मुख्य प्रतिलिपिकार से अभिप्रमाणित)
अथवा
(1) नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर की मुख्य प्रतिलिपिकार से अभिप्रमाणित प्रति जिसमें पूर्वजों की जाति अंकित हो,
(2) आपके पूर्वजों से प्रारंभ कर अभ्यर्थी तक पटवारी से प्रदत्त वंशावली।
(3) अनुसूचित जाति/जनजाति के प्रकरण में आपके पिता/पूर्वजों का दिनांक 10.08.1950/06.09.1950 तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए दिनांक 26.12.1984 से पूर्व का मूल निवास प्रमाण पत्र अथवा उक्त दिनांक के 15 वर्ष पूर्व का अभिलेख जिससे प्रमाणित हो सके कि आपके पूर्वज छत्तीसगढ़ के भौगोलिक सीमा के मूल निवासी थे।
(4) जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए केवल राजस्व अभिलेख की आवश्यकता नहीं है। अर्थात राजस्व अभिलेख नहीं होने पर स्कूल दाखिला खारिज रजिस्टर अथवा जन्म/मृत्यु पंजी/राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में नामांकित हो। दस्तावेज नहीं होने पर समाज प्रमुखों द्वारा लिखित में शपथ पत्र अभिलेख द्वारा उनके दादा/पिता की जन्म/मृत्यु की जानकारी तथा रहने की प्रमाणिकता के आधार पर राजस्व अधिकारियों के संतुष्टी के आधार प्रमाण पत्र प्राप्त किये जा सकते हैं।

o भारत सरकार, गृह मंत्रालय के निर्देश एवं माननीय सर्वोच्य न्यायालय के 5 सदस्यीय संविधान पीठ के निर्णय के अनुसार अनुसूचित जाति/जनजाति जिनके पूर्वज 1950 को तथा अन्य पिछड़ा वर्ग जिनके पूर्वज 1984 को छत्तीसगढ़ के भौगोलिक सीमा के मूल निवासी नहीं थे, उन्हें जाति प्रमाण-पत्र एवं आरक्षण की पात्रता उनके पिता/पूर्वजों के मूल राज्य में आयेगी, छत्तीसगढ़ राज्य में नहीं।
o अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग के पालकों/छात्रों से अपील है कि कक्षा 8वीं उत्तीर्ण करने के पश्चात ही अस्थाई जाति प्रमाण-पत्र एवं इसका स्थाईकरण करा लेना चाहिए, इसके पश्चात् अथवा कक्षा 10 वीं उत्तीर्ण होन के पूर्व जाति प्रमाण-पत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति (आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान) रायपुर का क्षेत्रीय इकाई जगदलपुर/अंबिकापुर/बिलासपुर से अपना जाति प्रमाण-पत्र सत्यापन कराना चाहिए। ताकि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों एवं सेवा में नियुक्ति के समय जल्दबाजी एवं भीड़-भाड़ की परेशानी से बचा जा सके |